Wednesday, June 8, 2022
Tuesday, June 7, 2022
कोठारी घराने का इतिहास
कहते है कि किसी भी व्यक्ति को कम से कम अपनी सात पीढियों की जानकारी होना चाहिए। तभी उसे अपना और अपने परिवार का वास्तविक परिचय मिल पाता है। अगर देश के गैर हिन्दू खास तौर पर मुस्लिमों में यह परम्परा चालू हो जाए,तो अस्सी प्रतिशत से अधिक मुसलमान ये जान जाएंगे कि वे वास्तव में सनातनी थे और उनके पूर्वजों को मार मार के मुसलमान बनाया गया था। वे इस्लाम में स्वेच्छा से नहीं आए बल्कि उन्हे प्रताडित करके मौत का डर दिखा के मुसलमान बनाया गया था। आज के मुसलमानों को यह बात समझ में आ जाए,तो भारत की मुस्लिम समस्या समाप्त हो सकती है।
Subscribe to:
Comments (Atom)
ना चाहते हुए भी राहूल के नक्शे कदम पर चल पडा है समूचा विपक्ष
-तुषार कोठारी महाराष्ट्र के नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा की एकतरफा जीत के बाद विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने एक बात साफ कर दी है कि राहू...
-
(10 जुलाई 24 से 22 जुलाई 24 तक) शुरूआती सफर 10 जुलाई 2021 बुधवार (रात 11.30) प्रिन्स गेस्ट हाउस (सवाई माधोपुर राज.) हमारी ये यात्रा प्रारंभ...
-
(प्रारम्भ से पढ़ने के लिए यंहा क्लिक करें ) 19 जुलाई शुक्रवार (रात 11.46) 20 जुलाई 24 शनिवार (प्रात: 9.00) के-2 हाईट्स बागा सहरन इस वक्त हम ...
-
19 अगस्त 2016 शुक्रवार केएमवीएन टीआरएच अलमोडा/ रात 8.25 आज का पूरा दिन बसों में हिचकोले खाते हुए और स्वागत कराते हुए गुजरा है। हमारे ...