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30 नवंबर 25 रविवार
पणजी-कुडाल
रात को काफी देर हो गई थी इसलिए सुबह उठने में देर हो गई। मुझे पूरा अंदाजा था कि पाटिल सा. 8-8.30 तक आ जाएंगे। वे ठीक 8.30 पर आ गए। हम जल्दी जल्दी तैयार हुए और 9.30 तक पणजी से कुडाल जाने के लिए रेडी हो गए। एक बार फिर सामने महालक्ष्मी मन्दिर में जाकर दर्शन किए और कुडाल के लिए निकल पडे।









