Monday, June 15, 2026

गोवा यात्रा-6/ चमत्कारिक वेतोबा देव,जिन्हे चढाते हैं विशाल चप्पलें और रेडी के चमत्कारिक गणेश जी

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30 नवंबर 25 रविवार

पणजी-कुडाल


रात को काफी देर हो गई थी इसलिए सुबह उठने में देर हो गई। मुझे पूरा अंदाजा था कि पाटिल सा. 8-8.30 तक आ जाएंगे। वे ठीक 8.30 पर आ गए। हम जल्दी जल्दी तैयार हुए और 9.30 तक पणजी से कुडाल जाने के लिए रेडी हो गए। एक बार फिर सामने महालक्ष्मी मन्दिर में जाकर दर्शन किए और कुडाल के लिए निकल पडे।

गोवा यात्रा-5/दक्षिण गोवा के भव्य मन्दिरों के दर्शन

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29 नवंबर 2025 शनिवार

विजू,आज शाम 7.00 बजे तक अपनी ट्रेनिंग में व्यस्त है। इसलिए आज हमने साउथ गोवा में शांतादुर्गा,मंगेशी आदि मन्दिरों के दर्शन करने का कार्यक्रम बनाया था। चिंतन भी आज हमारे साथ आ गया था। हमने विजू की कार से जाने का तय किया था। सरिता और विराज भी हमारे साथ जाने वाले थे। पहले 10 बजे निकलने का सोचा था लेकिन सरिता भाभी का कहना था कि उन्हे थोडा ज्यादा वक्त लगेगा। 

गोवा यात्रा-4/ इसाई मिशनरियों के अमानवीय अत्यातार का प्रमाण हाथ काटो स्तंभ

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1 दिसम्बर 25 दोपहर 1.20

ट्रेन न.12978 मरुसागर एक्स (कोच न.बी-5 17,18,20)


उम्मीद के खिलाफ हमारी ट्रेन ज्यादा लेट नहीं हुई। निर्धारित समय 12.35 का था और ट्रेन 1.10 पर आ गई वरना इस इलाके में सिंगल लाइन होने की वजह से गाडियों का लेट होना आम बात है। 

गोवा यात्रा-3/ कलांगुट का रास्ते में सातेरी माता के दर्शन

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28 नवंबर 2025 शुक्रवार सुबह 8.14

होटल वैलनकन्नी


इस वक्त हम स्नानादि से निवृत्त होकर तैयार होने में लगे है। आज हमे इस होटल से चैकआउट करनाहै और पणजी के नए होटल में चैकइन करना है।

गोवा यात्रा-2/ पणजी की महालक्ष्मी और राधाकृष्ण के दर्शन

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27 नवंबर शाम 4.45

होटल वैलनकन्नी (रुम जी-4)

इस वक्त हम दिनभर घूम घाम कर फिर से होटल में आराम कर रहे हैं। आज सुबह करीब 10 बजे होटल में पोहे ब्रेड बटर का नाश्ता करके करीब 11 बजे निकले थे। होटल में ही रेंटल स्कूटर आ गया था। 500 रु. प्रतिदिन के किराये पर तीन दिन के लिए स्कूटर लिया है। सुबह ही विजू का फोन आ गया था कि वह 11.30 पर उसके आफिस में पंहुच जाएगा। इसलिए सबसे पहले पंजिम(पणजी) में उसके आफिस जाने का ही इरादा बनाया। इस बीच रत्नागिरी में महेश जी से चर्चा हो गई और यह तय हो गया कि रत्नागिरी 1 दिसम्बर को ही सुबह जाएंगे और वहीं से ट्रेन में सवार होंगे। 

यात्रा वृत्तान्त-49/ भव्य मन्दिरों वाले राज्य गोवा की यात्रा

 (26 नवंबर 2025 बुधवार से 2 दिसम्बर 2025)


ट्रेन न.20932 इन्दौर कोचुवेली सुपरफास्ट

कोच न.बी-1- 26,26  दोपहर 11.00


इस वक्त हमारी ट्रेन पनवेल पंहुचने वाली है। हमारी ये यात्रा रेलवे के लिहाज से 26 नवं.को,लेकिन बीती रात 12.45 पर रतलाम से शुरु हुई। इस यात्रा में मैं और वैदेही,गोवा की चार दिनों की यात्रा पर जा रहे हैं।

सोमनाथ दीव यात्रा-4 बब्बर शेरों के इलाके में एक रात....

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22 सितम्बर 2025 सोमवार,दोपहर 2.40

इ खबरटुडे आफिस


हमारी यात्रा तो 20 सितम्बर की रात्रि को ही रतलाम वापसी के साथ समाप्त हो गई थी,लेकिन सासन गिर से अहमदाबाद और फिर वहां से रतलाम की यात्रा के बीच में इतना समय ही नहीं मिला कि यात्रा के अंतिम चरण की घटनाएं डायरी में दर्ज की जा सके। ये समय आज डायरी वापस मिलने के बाद मिल पाया है। डायरी भी प्रकाश की कार में ही छूट गई थी,जो आज मिली है। खैर..। अब बात वहां से,जहां से छोडी थी।

सोमनाथ दीव यात्रा-3 / नौसेना के पराक्रम दिखाताआईएनएस खुकरी और भव्य दिव्य सोमनाथ मन्दिर

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19 सितम्बर 2025 शुक्रवार सुबह 8.07

होटल अन्नपूर्णा,सासन गिर


इस वक्त हम देश के एकमात्र गिर राष्ट्रीय उद्यान के बफर झोन सासन में इस होटल में रुके हैं।  कल के दिन की व्यस्तता के चलते कल का घटनाक्रम दर्ज नहीं कर पाया था। इसलिए अब लिख रहा हूं।

सोमनाथ दीव यात्रा-2/ समुद्र के बीच प्राचीन इंजीनियरिंग का कमाल- निष्कलंक महादेव

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17 सितम्बर 25 बुधवार रात 22.22

अपना होटल दीव


कल हम भावनगर से पहले हाईवे पर होटल रायल रुम्स में रुके थे। आज सुबह करीब 10.00 बजे वहां से निकलने के लिए तैयार हो चुके थे। इसी दौरान,नीलेश ने आकर बताया कि यहां से 10-12 किमी दूरी पर निष्कलंक महादेव का मन्दिर है,जो कि अत्यन्त प्राचीन और जागृत मन्दिर है। उसे देखते हुए आगे बढना चाहिए। 

यात्रा वृत्तान्त-48/ सोमनाथ महादेव और दीव की यात्रा (मंगलवार 16 सितम्बर 2025 से 20 सितम्बर 2025 )

16 सितम्बर 2025 मंगलवार

रात 9.30- भावनगर से पहले


इस बार की ये यात्रा कई मायनों में अनोखी है। यात्रा तो होना थी,किन्नर कैलास की और वह भी जुलाई के महीने में,लेकिन फिर जुलाई में अभिभाषक संघ के चुनावों की चर्चा शुरु हो गई और दशरथ जी ने चुनाव लडने का मन बना लिया। फिर तय हुआ कि चुनाव निपटते ही किन्नर कैलास के लिए रवाना हो जाएंगे। चुनाव अगस्त की 23-24 को होना तय हुए। इसी दौरान,उत्तराखण्ड और देश भर में जबर्दस्त बारिश हो गई। किन्नर कैलास यात्रा ही रद्द हो गई। इधर मुझे स्वयं स्वास्थ्य की समस्याएं हो गई। उदर रोग ने महीने भर से अधिक कष्ट में रखा,तो कुल मिलाकर यात्रा की योजना रद्द हो गई। 

Saturday, May 16, 2026

सच सबके सामने,फिर भी साबित करने की मजबूरी

 सन्दर्भ-भोजशाला प्रकरण 


-तुषार कोठारी


सच सबके सामने हो लेकिन फिर भी इसे साबित करने की मजबूरी हो,तो ऐसा सिर्फ भारत में ही हो सकता है। धर्म के नाम पर देश का बंटवारा हो चुकने के बाद भी इश्वर अल्ला तेरो नाम के स्वप्नलोक में जीने वाले हमारे कल्पनाजीवी नेताओं ने देश को इसी तरह के रास्ते पर ले जाने की कोशिश की थी और इसी का नतीजा है कि खुली आंखों से नजर आने वाले सच को भी साबित करने की मजबूरी खडी कर दी जाती है।



पांच राज्यों के चुनाव नतीजों का निष्कर्ष - प्रासंगिकता खोती जा रही है विपक्षी पार्टियां

 - तुषार कोठारी 

पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के विश्लेषण से कई नए सवाल सामने आ रहे हैैं। इनमें सबसे बडा सवाल यही है कि क्या भारत के लोकतंत्र में विपक्षी दल अपनी प्रासंगिकता खोते जा रहे हैैं। क्या भविष्य की  राजनीति विपक्ष विहीन होने वाली है? इस तरह के सवाल कुछेक विपक्षी नेता भी उठा रहे हैैं,लेकिन गहराई से देखा जाए तो इस तरह की परिस्थितियां विपक्षी नेताओं की वजह से ही बन रही है।


Saturday, January 17, 2026

ना चाहते हुए भी राहूल के नक्शे कदम पर चल पडा है समूचा विपक्ष

 -तुषार कोठारी


महाराष्ट्र के नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा की एकतरफा जीत के बाद विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने एक बात साफ कर दी है कि राहूल गांधी सिर्फ कांग्र्रेस के ही सर्वोच्च नेता नहीं है,बल्कि वे अब समूचे विपक्ष के नेता बन चुके है। गैर कांग्र्रेसी विपक्षी पार्टियां चाहे राहूल को अपना नेता मानने को तैयार ना हो,लेकिन वे ना चाहते हुए भी राहूल गांधी के नक्शे कदम पर ही चलने लगे है।

Saturday, December 27, 2025

नेपाल यात्रा-7 पशुपतिनाथ के दर्शनों के साथ नेपाल से वापसी

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16 नवंबर 2024



विश्व विख्यात पशुपतिनाथ मन्दिर होटल के बिलकुल सामने ही था। सुबह सवेरे जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर मन्दिर के दर्शनों के लिए चले। 

नेपाल यात्रा-6 विन्ध्य वासिनी के दर्शनों के बाद पशुपतिनाथ की ओर

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15 नवंबर-

पोखरा का दूसरा दिन। आज हमें विन्ध्य वासिनी देवी के दर्शन करके काठमाण्डू पंहुचना था। सुबह जल्दी उठकर निकलने की योजना थी। करीब नौ बजे होटल से निकले। विन्ध्य वासिनी पोखरा का प्रसिध्द धर्मस्थल है। एक विन्ध्य वासिनी हमारे मध्यप्रदेश में मैहर माता के रुप में मौजूद है,दूसरी यहां है।

नेपाल यात्रा-5 पोखरा की फेवा झील के साथ चमत्कारिक गुप्तेश्वर महादेव के दर्शन

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18 नवंबर 24 सोमवार (रात 8.00 बजे)

गौहाटी ओखा द्वारका एक्सप्रेस (कोच बी-2-17,18)


हमारी ट्रेन अब हमारे घर की दिशा में तेजी से दौड रही है और 20 नवंबर की सुबह हम रतलाम में होंगे। पूरे सफर में ट्रेन के डिब्बे में ही सबसे ज्यादा खाली वक्त मिल रहा है। शायद ये ऐसी पहली यात्रा थी,जिसमें डायरी बहुत कम लिख पाया। बेहद अस्तव्यस्त यात्रा के चलते डायरी लिखने के लिए पर्याप्त समय ही नहीं मिल पाया। इसलिए अब ट्रेन में चलने के दौरान ही सबकुछ लिखना है।

नेपाल यात्रा-4 पोखरा के सारंगकोट का सूर्योदय,जो हम नहीं देख पाए

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15 नवंबर 24 शुक्रवार प्रात: 8.55

होटल सी-लेक पोखरा


आज पोखरा से हमें निकलना है। इस वक्त हम निकलने के लिए तैयार हो रहे हैं। यहां से हम काठमाण्डू जाएंगे,जो कि दो सौ किमी दूर है। वहां पंहुचने में हमे करीब 8 घण्टे लगेंगे। हमें कहा गया है कि सुबह जल्दी निकलना होगा। हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्दी तैयार हो जाएं।

नेपाल यात्रा-3 नेपाली साहित्यकारों से पहली मुलाकात और चितवन नेशनल पार्क में शेरों के दीदार

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13 नवंबर 24 बुधवार

सुबह आठ बजे होटल के नीचे एक छोटे हाल में साहित्य संगम का कार्यक्रम शुरु हो गया। मैं साढे आठ पर तैयार होकर नीचे पंहुचा। रीता जी पूर्वोत्तर हिन्दी साहित्य अकादमी नामक संस्था असम के तेजपुर में चलाती है। सारी योजना उन्ही की थी। चितवन के एक डेढ दर्जन साहित्यकार इस कार्यक्रम में मौजूद थे। स्वागत सत्कार के बाद भारत से गए हम छ: लोगों में से मुझे छोडकर सभी ने अपनी रचनाएं सुनाई। इसके बाद नेपाली साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं सुनाई। करीब दो घण्टे यह आयोजन चला। नेपाल के कई साहित्यकार हिन्दी में भी लिखते हैं। हमें भी कई पुस्तकें और प्रमाणपत्र भेंट किए गए।

नेपाल यात्रा-2 खचाखच भरी गाडी और नेपाल का उबड खाबड महेन्द्र राजमार्ग

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13 नवंबर 24 बुधवार (रात 8.00 आईएसटी)

होटल सी लेक पोखरा 




दो दिन पहले ट्रेन में डायरी लिख रहा था,तब न्यू जलपाईगुडी नहीं पंहुचे थे। तब से लेकर आज अभी तक डायरी लिखने का मौका ही नहीं मिल पाया। आझ पोखरा पहुच कर अब डायरी लिखने का मौका मिला है। अब पूरे दो दिनों का लम्बी कहानी है,बल्कि तीन दिनों की।

यात्रा वृत्तान्त-47 नेपाल यात्रा-भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन

 (9 नवंबर 2024 से 20 नवंबर 2024)



11 नवंबर 24 सोमवार  (दोपहर 12.45)

पटना-न्यू बरौनी स्टेशन के बीच

कोच न. बी-1-20 गांधीधाम-कामाख्या एक्सप्रेस

हमारी यह यात्रा शनिवार,रविवार की मध्यरात्रि 3 बजे (तारीख हो चुकी थी 10 नवंबर) रतलाम रेलवे स्टेशन से शुरु हुई। इस यात्रा में मैं और वैदेही भारत और नेपाल के कुछ साहित्यकारों द्वारा आयोजित की गई साहित्यिक यात्रा में भाग लेने के लिए नेपाल जा रहे है। ट्रेन से हम आज रात नौ बजे तक न्यू जलपाईगुडी (प.बंगाल) रेलवे स्टेशन पंहुचेंगे और वहां से फिर सडक़ मार्ग से नेपाल की छ: दिवसीय यात्रा पर निकलेंगे। मेरी यह यात्रा पिछली यात्रा के ठीक 110 दिनों के बाद हो रही है। इस 110 दिनों में काफी कुछ बदल गया है। 

Saturday, January 11, 2025

श्रीखण्ड महादेव कैलास यात्रा-10/ जहा गुजारी पहली रात वही आखरी रात भी


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21 जुलाई 2024 रविवार (रात 11.45)

प्रिन्स गेस्ट हाउस सवाई माधोपुर (राज.)


इस वक्त हम उसी होटल में रुके हैं जहां यात्रा की पहली रात गुजारी थी। कमरे में एसी चल रहा है और कमरा अच्छे से ठण्डा हो चुका है।बाहर बहुत गर्मी  है। हम गर्म माहौल में से ठण्डक में आए हैं। अच्छी फीलींग है।

श्रीखण्ड महादेव कैलास यात्रा-9 /शानदार बुग्याल बागा सहरन की एक रात


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20 जुलाई 2024 शनिवार (रात10.40)

होटल एवलांच कच्ची घाटी शिमला


इस वक्त मैं शिमला के बाहरी इलाके कच्ची घाटी में होटल एवलांच में हूं और सुबह यहां से जल्दी निकलने की इच्छा के साथ इस वक्त डायरी लिख रहा हूं। 





श्रीखण्ड महादेव कैलास यात्रा-8/ 9 किमी की ढलान के बाद बराठी नाले में अद्भुत स्नान


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19 जुलाई शुक्रवार (रात 11.46)

20 जुलाई 24 शनिवार (प्रात: 9.00)

के-2 हाईट्स बागा सहरन


इस वक्त हम जाओ गांव से 14 किमी उपर बागा सहरन नामक स्थान पर सुबह की तैयारियों में जुटे हैं। हम यहां बीती शाम 7.30 पर पंहुचे थे। रात 11.46 पर डायरी लिखने की कोशिश की थी,लेकिन थकान और नींद इतनी ज्यादा थी कि 4 लाइन भी नहीं लिख पाया। इसलिए अब कल का पूरा घटनाक्रम आज लिख रहा हूं।

श्रीखण्ड महादेव कैलास यात्रा-7/ लगातार 19 घंटो की ट्रेकिंग और श्रीखंड कैलास के दिव्य दर्शन


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18 जुलाई 2024 गुरुवार (शाम 5.45)

थाचडू बेस कैम्प.श्रीखण्ड यात्रा मार्ग


हम अब वापसी की यात्रा कर रहे है और इस वक्त भीमद्वार से चल कर थाचडू आ चुके हैं। आज हम 14 किमी चल चुके हैं। 

श्रीखण्ड महादेव कैलास यात्रा-6 श्रीखंड कैलास के लिए आधी रात को ट्रेकिंग


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आठवां दिन


17 जुलाई 2024 बुधवार (सुबह 9.15)

भीमद्वार बैस कैम्प


मैं,आशुतोष और प्रकाशराव हम तीनो इस वक्त भीमद्वार के उसी टेण्ट में मौजूद है,जहां बीती रात हम सोये थे। 

श्रीखण्ड महादेव कैलास यात्रा-5/ ग्लेशियर को पार करके आ गए भीमद्वार


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सातवां दिन

16 जुलाई 2024 मंगलवार (दोपहर 3.00)

भीमद्वार (श्रीखण्ड कैलास यात्रा मार्ग)


इस वक्त भीम द्वार में जबर्दस्त तेज बारिश हो रही है और भाग्यशाली है कि बारिश तेज होने से पहले टेण्ट में आ चुके है। आज की हमारी यात्रा भीमतलाई से सुबह सवा आठ बजे शुरु हुई थी। भीमतलाई से अगली पहाडी के टाप पर हमे कुंशा कैम्प नजर आ रहा था। लेकिन कुंशा तक पंहुचने के लिए हमे सीधे पहाड से नीचे उतरना था।

श्रीखण्ड महादेव कैलास यात्रा-4 / काली टॉप चढ़ कर उतरे और पहुंचे भीम तलाई


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छठा दिन 

15 जुलाई 2024 सोमवार (अपरान्ह 3.00)

भीम तलाई (अपर)


इस वक्त हम अपर भीमतलाई में एक टेण्ट लेकर रुक गए है। हमने आज सुबह 7.50 पर थाटीविल से चलना प्रारंभ किया था।

श्रीखण्ड महादेव कैलास यात्रा-3 - 12 घंटो में 12 किमी की खड़ी चढ़ाई


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पांचवा दिन 

14 जुलाई 2024 रविवार (शाम 6.50)

थाटीविल (श्रीखण्ड कैलास यात्रा मार्ग)


इस वक्त हम थाटी विल की एक दुकान में रात्रि विश्राम के लिए रुके हुए हैं। आज हम सुबह साढे छ: बजे से 12 घण्टे लगातार चल कर कुल 12 किमी की दूरी तय करके यहां पंहुचे है।

श्रीखण्ड महादेव कैलास यात्रा-2 पहाड़ो के बीच गाड़ी का सफर

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12 जुलाई 2024  शुक्रवार (रात 10.45)

बुशहर सदन रामपुर बुशहर (हिप्र)


इस वक्त हम रामपुर बुशहर के इस सरकारी होटल या यूं कहे कि रेस्ट हाउस में है। हम यहां 7.45 पर पंहुच गए थे। बिना मशक्कत के बुशहर सदन मिल गया और यहां तीसरी मंजिल के दो कमरों में हम टिक गए। हम रतलाम से अब तक 1250 किमी दूर आ चुके है। 

यात्रा वृत्तान्त-46 श्रीखण्ड महादेव कैलास यात्रा


(10 जुलाई 24 से 22 जुलाई 24 तक)

शुरूआती सफर 

10 जुलाई 2021 बुधवार (रात 11.30)

प्रिन्स गेस्ट हाउस (सवाई माधोपुर राज.)


हमारी ये यात्रा प्रारंभ हो चुकी है। इस बार लक्ष्य है श्रीखण्ड महादेव का दर्शन करना। इस वक्त हम सवाई माधोपुर से कुछ ही दूर यहां प्रिन्स गेस्ट हाउस में रुके है। एटलेन एक्सप्रेस वे ठीक सामने है,कल सुबह इसी एटलेन से दिल्ली और आगे का सफर करेंगे।

Saturday, September 21, 2024

अयोध्या-3 /रामलला की अद्भुत श्रृंगार आरती


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 12 मार्च 2024 मंगलवार (रात्रि 9.45) 

साबरमती एक्सप्रेस कोच न. ए-2-43  

अयोध्या की यात्रा अब समाप्ति पर है। हम रतलाम लौट रहे हैं और इस वक्त साबरमती एक्सप्रेस रतलाम की ओर दौड रही है।  

आज की शुरुआत बेहद खास रही।ये दिन बडा खास रहा और इसकी जानकारी कल रात ही मिल गई थी। कारसेवक पुरम में कल सुबह गए थे। वहां कई लोगों से परिचय हुआ था। रात को कारसेवक पुरम से अभिनव नामक युवक का फोन रोचन के पास आया कि क्या आप लोग सुबह आरती में शामिल होना चाहते है? अन्धा क्या चाहे? दो आंखे। कौन इंकार कर सकता था। उन्होने सभी के आधार साफ्ट कापी में मंगवाए और रोचन से कहा कि आपलोग सुबह पांच बजे मन्दिर के मुख्य द्वार पर पंहुच जाएं।   

अयोध्या-2 /राम मन्दिर के लिए रामशिला की भेंट और नन्दीग्राम का भ्रमण

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  11 मार्च 2024 सोमवार,रात 9.15 

जानकी महल अयोध्या धाम  

आज के व्यस्ततम दिन का समापन होने को है। मैं डायरी के साथ हूं और बाकी लोग भोजन कर रहे हैं।

 कल हमें बताया गया था कि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चंपतराय जी सुबह 8 और 8.30 के बीच मिल सकते है। उन्हे राम शिला भेंट करना थी,इसलिए सुबह 8 बजे यहां से निकलने का इरादा था।  लेकिन प्रतिमा ताई,रोचन,वैदेही और नलू आत्या सुबह 6 बजे मन्दिर के पट खुलते ही रामलला का फिर से दर्शन करना चाहते थे। इसलिए ये चारो सुबह पौने छ: बजे दर्शन करने के लिए रवाना हो गईं। उम्मीद थी कि ये लोग आठ बजे के पहले लौट आएंगी। लेकिन मन्दिर के पट 6 बजे नहीं बल्कि सात बजे खुलते है,इसलिए ये सभी साढे आठ बजे दर्शन करके वापस लौटी।

यात्रा वृत्तान्त-45/ प्राणप्रतिष्ठा के बाद अयोध्या यात्रा (8 मार्च 2024 से 13 मार्च 2024)


 भव्य जन्मभूमि मन्दिर में रामलला की आरती 


 9 मार्च 24 शनिवार (रात 10.45) 

जानकी महल नया घाट अयोध्या धाम  


अयोध्या की पिछली यात्रा 21 दिसम्बर 23 को रतलाम से शुरु हुई थी और 24 दिसम्बर को हम अयोध्या पंहुच गए थे। 26 दिसम्बर को सुबह करीब नौ बजे अयोध्या से वापसी के लिए निकल गए थे। इस हिसाब से अयोध्या की  पिछली यात्रा के ठीक 73 दिन बाद मैं फिर से अयोध्या आ चुका हूं।  अयोध्या की ये यात्रा पूरी तरह पारिवारिक है। सौ.आई और दादा को श्री राम लला के दर्शन करवाने के लिए ये यात्रा की जा रही है। इस यात्रा में मेरे अलावा,वैदेही,चिन्तन,प्रतिमा ताई,रोचन,नलू आत्या,नारायण और आरती वहिनी इस तरह हम कुल दस लोग अयोध्या पंहुचे है।

Wednesday, September 18, 2024

यात्रा वृत्तान्त-44/ अयोध्या की एक संक्षिप्त यात्रा (21 दिसम्बर 2023 से 27 दिसम्बर 2023 )

22 दिसम्बर 2023 शुक्रवार (रात 1.00)

 पप्पू एण्ड पप्पू रिजार्ट,सोनकच्छ 


 पिछली यात्रा आदि कैलास वाली 12 सितम्बर 23 को समाप्त हुई थी। फिर विधानसभा चुनाव आ गए। इस यात्रा की कोई योजना नहीं थी। 13 दिसम्बर को मलय,मिजोरम से आने वाला था,उसे लेने इ्नदौर गए। समय था,इसलिए एयरपोर्ट के नजदीक बाबा मौर्य के घर चले गए। बैठे,बातें हुई। तो बाबा ने कहा कि राम मन्दिर के प्राण प्रतिष्ठा से पहले एक बार अयोध्या चलना चाहिए। मैने फौरन हां कह दिया। रात दो बजे रतलाम लौटे थे। लेकिन अगले ही दिन बाबा का फोन आ गया कि अयोध्या चलना ही है। मैने भी हां कह दिया। फिर राजेश घोटीकर को भी चलने के लिए तैयार किया।