- तुषार कोठारी
अभी करीब तीन महीने पहले तक भारत में "जेन जी" की चर्चा नहीं के बराबर थी,लेकिन हाल के दिनों में जिधर देखिए सिर्फ "जेन जी" की चर्चाएँ हो रही है। टीवी चैनल हो या अखबार या सोशल मीडीया प्लेटफार्म्स,हर कहीं "जेन जी" चर्चाओं में है। टीवी चैनलों के कार्यक्रम राजनीतिक दलों को बता रहे है कि अब उन्हे "जेन जी" पर आधारित राजनीति करना होगी।













