Monday, June 15, 2026

गोवा यात्रा-3/ कलांगुट का रास्ते में सातेरी माता के दर्शन

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28 नवंबर 2025 शुक्रवार सुबह 8.14

होटल वैलनकन्नी


इस वक्त हम स्नानादि से निवृत्त होकर तैयार होने में लगे है। आज हमे इस होटल से चैकआउट करनाहै और पणजी के नए होटल में चैकइन करना है।


कल शाम को जब एक नींद लेकर उठे,तो बाहर अंधेरा फैल चुका था। इसलिए सोचा कि गोवा के किसी प्रसिध्द बीच पर पंहुच कर देखा जाए। विचार किया कि कलांगुट बीच पर चला जाए। होटल से निकले तो एक स्थान पर गलत रास्ता पकड लिया। कुछ आगे बढे,तो सातेरी माता का एक भव्य मन्दिर नजर आया। इस यात्रा को मन्दिरों पर फोकस किया था। इसलिए इस मन्दिर पर रुके,एक छोटा सा विडीयो बनाया। आगे बढे तो समझ में आ गया कि हम गलत रास्ते पर है। घने जंगलों वाला पहाडी रास्ता था। इसी पर आगे बढते रहे,3-4 किमी चलने के बाद,पता चला कि हम फिर से हमारे होटल के सामने से ही गुजर रहे थे। अब हमने रुक कर मैपल्स पर कलांगुट का मैप लगा लिया और चल पडे। कलांगुट यहां से 17 किमी दूर था। पणजी पंहुच कर समुद्र का पुल पार करते हुए आगे बढे। हाईवे को पार करते हुए आगे बढे। इस तरफ भी दो-तीन भव्य मन्दिर नजर आए,लेकिन इन मन्दिरों पर बाद में रुकने का विचार करके हम आगे बढते रहे। इस तरफ फिर हम एकाध मोड पर गलत मुड गए। काफी देर तक चलने के बावजूद जब बीच नहीं आया,तो लोगों से पूछ पाछ कर आगे चले। आखिरकार करीब 8.00 बजे हम कलांगुट तो नहीं बागा बीच पर पंहुच गए। 50 रु. पार्किंग फीस देकर गाडी खडी की और बीच पर पंहुच गए। बीच पर हर तरफ तेज संगीत का शोर और बीच पार्टियां चल रही थी। कानफोडू संगीत के चलते यहां कुछ ही मिनट रुके और बीच से निकल आए। लौटते समय एक रेस्टोरेन्ट में रुक कर वैदेही ने भोजन किया। लौटते समय हमने फिर से मैपल्स का मैप यूज किया और करीब दस बजे होटल लौट आए। 


होटल लौटे,तो विजू का फोन आ गया कि,फिल्म फेस्टीवल के पास का इंतजाम हो गया है,जो कि हमें कल मिल जाएंगे। 


आज हम नए होटल में चैक इन करने के बाद हाथ काटो स्तंभ पर जाएंगे और शाम को फिल्म फेस्टीवल का समापन समारोह देखेंगे। 


01 दिसम्बर 2025 सोमवार प्रात: 11.55

चन्द्रशेखर पाटिल जी का निवास,कुडाल(महाराष्ट्र)


हमारी यात्रा का अंतिम चरण आ पंहुचा है। कुछ देर बाद हम सिंधु दुर्ग स्टेशन से मरुसागर एक्सप्रेस में सवार हो जाएंगे। इस वक्त मैं पाटिल सा.के निवास पर हूं। अभी यहां से निकलने की तैयारी है,इसलिए यात्रा का वृत्तान्त ट्रेन में लिखना बेहतर रहेगा।

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