(15 जुलाई से 24 जुलाई 2026 तक )
15 जुलाई 2026 (रात 12.10)
ओम सतगुरु वैष्णो होटल,परतापुर, दिल्ली मेरठ हाईवे
रेलवे के हिसाब से आज तारीख बदलकर 16 जुलाई हो चुकी है,लेकिन मेरे लिए सूर्योदय होने पर ही तारीख बदलेगी। इसलिए 15 जुलाई की रात 12.10 पर मैं डायरी के साथ हूं।
यह यात्रा,असल में किन्नौर कैलाश की यात्रा होना थी। इसकी तैयारी भी हम लोग पिछले कम से कम एक महीने से कर रहे थे। लेकिन यात्रा की शुरुआत से पहले ही यह जानकारी मिल गई थी,कि इस साल भारी बारिश के कारण किन्नौर कैलाश यात्रा रद्द हो गई है। हमने तत्काल प्लान बी पर काम किया और पंच केदार की यात्रा करने का निश्चय कर लिया।
सभी को जानकारी दे दी। इस यात्रा में हम जांचे परखे चार यात्री यानी मै,दशरथ पाटीदार,प्रकाश राव पंवार और मन्दसौर से आशुतोष नवाल शामिल है। गाडी हम संतोष घोडेटा की मारुति आर्टिगा लेकर चले हैं।
आज सुबह ठीक 9.00 बजे मैं आफिस पंहुच गया था। टोनी एकाध मिनट पहले ही पंहुचा था। मैने जाकर आपिस में रखा यात्रा का सामान गाडी में रखा। कुछ ही देर में बहुत सारे संगी साथी हमें बिदा देने के लिए एकत्रित हो गए। इनमें किशोर,संतोष घोडेटा,संतोष त्रिपाठी जी,हेमन्त भट्ट जी,सचिन सोनी,राजू चौहान मनीष शर्मा जी जैसे बहुत सारे मित्र थे। स्वागत के लिए हार फूल भी लाए गए थे। विडीयो बनाने के लिए उदित अग्रवाल(टोनी) अपना विशे, कैमरा लेकर आया था,जो मै साथ लेकर आया हूं।
सबसे विदा लेकर आफिस से निकले। हम अभी अल्कापुरी ही पंहुचे थे कि एड.नीरज सक्सेना का फोन आ गया। सक्सेना जी हमें बिदा करने के लिए मिठाई,हारफूल और बैटरी बैंक लेकर आए थे। ये सारी चीजें हमें अल्कापुरी में लखन सर के हाथों मिली।
अब हम चले। कुछ ही देर में 8 लेन पर और मात्र 45 मिनट में सीतामऊ पंहुच गए। सीतामऊ में करीब 45 मिनट के इंतजार के बाद गुरु महाराज आशुतोष नवाल जी पधारे। 10-15 मिनट नवाल जी के साथ आए साथियों से मिलने के बाद हम 8 लेन पर आगे बढ गए। नितिन गडकरी का कमाल है कि इस वक्त हम दिल्ली से आगे बढकर,मेरठ के बाहर एक होटल में रुके हैं।
होटल में रुकने की कहानी भी मजेदार है। शाम 7 बजे मैं मोबाइल से होटल की तलाश कर रहा था। मैपल्स पर होटल की दूरी करीब 90 किमी बताई जा रही थी। हम करीब 50 किमी पार कर गए,उस वक्त 7.45 हो रहे थे। दादरी गांव का रास्ता नजर आ रहा था। मैने कहा,दादरी में उतर जाते हैं,होटल मिल ही जाएगा। दशरथ जी कह रहे थे कि जितनी देर होटल ढूंढने में लगेगी उतनी देर में हम वहां पंहुच जाएंगे जहां होटल दिखाए जा रहे हैं।
लेकिन मेरे कहने पर हम दादरी गांव में उतर गए। करीब 20 किमी इधर उधर घूमे। गांव के भीतर भी गए। ये नगर पालिका है,लेकिन कमाल ये है कि यहां एक भी ढंग का होटल नहीं मिला। आखिर थकहार कर फिर से पैरिफेरल रोड पर चले और मेरठ की ओर बढ गए।
होटल की हमारी खोज रात 10.30 पर यहां आकर खत्म हुई। यहां आए। सैटल हुए। मेरे अलावा तीनों मित्रो का भोजन हो चुका है। कल सुबह यहां से जल्दी निकलने की योजना है।
16 जुलाई 2026 गुरुवार (सुबह 6.45)
ओम सतगुरु वैष्णो होटल
यात्रा के सारे साथी जाग चुके हैं. हम आझ यहां से जल्दी रवाना होना चाहते है। योजना यह है कि जल्दी रवाना होकर हरिद्वार में गंगा में डुबकी लगाकर आगे बढा जाए। इस वजह से यहां स्नान करने की भी योजना नहीं है।
यात्रा के पहले दिन यानी कि कल हमने कुल 799 किमी यानी 800 किमी की दूरी तय की थी। ये 8 लेन एक्सप्रेस वे का कमाल ही था,कि हमने सुबह 10 बजे रतलाम से निकलने और रात 10.30 पर यहां पंहुचने के दौरान हमने कुल 800 किमी का सफर तय कर लिया।
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