Sunday, June 21, 2026

सीता माताअभयारण्य-2 / यही धरती माता की गोद में समा गई थी सीता मैया

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14 जून रविवार (सुबह 7.00)

आरामपुर फारेस्ट रेस्ट हाउस,धरियावाड रेंज (सीता माता अभयारण्य)


सुबह हो चुकी है। इस वन विश्रान्ति गृह के बाहर चारो ओर वैसे तो शांति है,लेकिन जंगल अपनी भाषा बोल रहा है। चिडियों की चहचहाट हैं,तो दूर कहीं किसी अन्य परिन्दे की बोली सुनाई दे रही है। अलग अलग तरह की ध्वनियां आ रही है,जिन्हे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता,सिर्फ सुना और महसूस किया जा सकता है। ठण्डी हवा बह रही है। बंदर पेडों पर कूद फान्द रहे हैं। एक काला कुत्ता इधर उधर डोल रहा है। अभी उसे पास बुलाकर मैने उससे परिचय किया है।

यात्रा वृत्तान्त-50/ जंगल की एक रात-उडने वाली गिलहरियों के साथ

सीता माता वन्यजीव अभयारण्य की यात्रा  13-14 जून 2026

13 जून शनिवार रात 11.30

आरामपुर अभयारण्य


इस वक्त मैं धरियावाद राजस्थान के आरामपुर फारेस्ट रेस्ट हाउस में हूं और सीता माता वन्य जीव अभयारण्य घूम कर आया हूं।

Monday, June 15, 2026

गोवा यात्रा-6/ चमत्कारिक वेतोबा देव,जिन्हे चढाते हैं विशाल चप्पलें और रेडी के चमत्कारिक गणेश जी

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30 नवंबर 25 रविवार

पणजी-कुडाल


रात को काफी देर हो गई थी इसलिए सुबह उठने में देर हो गई। मुझे पूरा अंदाजा था कि पाटिल सा. 8-8.30 तक आ जाएंगे। वे ठीक 8.30 पर आ गए। हम जल्दी जल्दी तैयार हुए और 9.30 तक पणजी से कुडाल जाने के लिए रेडी हो गए। एक बार फिर सामने महालक्ष्मी मन्दिर में जाकर दर्शन किए और कुडाल के लिए निकल पडे।



गोवा यात्रा-5/दक्षिण गोवा के भव्य मन्दिरों के दर्शन

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29 नवंबर 2025 शनिवार

विजू,आज शाम 7.00 बजे तक अपनी ट्रेनिंग में व्यस्त है। इसलिए आज हमने साउथ गोवा में शांतादुर्गा,मंगेशी आदि मन्दिरों के दर्शन करने का कार्यक्रम बनाया था। चिंतन भी आज हमारे साथ आ गया था। हमने विजू की कार से जाने का तय किया था। सरिता और विराज भी हमारे साथ जाने वाले थे। पहले 10 बजे निकलने का सोचा था लेकिन सरिता भाभी का कहना था कि उन्हे थोडा ज्यादा वक्त लगेगा। 



गोवा यात्रा-4/ इसाई मिशनरियों के अमानवीय अत्याचार का प्रमाण हाथ काटो स्तंभ

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1 दिसम्बर 25 दोपहर 1.20

ट्रेन न.12978 मरुसागर एक्स (कोच न.बी-5 17,18,20)


उम्मीद के खिलाफ हमारी ट्रेन ज्यादा लेट नहीं हुई। निर्धारित समय 12.35 का था और ट्रेन 1.10 पर आ गई वरना इस इलाके में सिंगल लाइन होने की वजह से गाडियों का लेट होना आम बात है। 



गोवा यात्रा-3/ कलांगुट का रास्ते में सातेरी माता के दर्शन

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28 नवंबर 2025 शुक्रवार सुबह 8.14

होटल वैलनकन्नी


इस वक्त हम स्नानादि से निवृत्त होकर तैयार होने में लगे है। आज हमे इस होटल से चैकआउट करनाहै और पणजी के नए होटल में चैकइन करना है।



गोवा यात्रा-2/ पणजी की महालक्ष्मी और राधाकृष्ण के दर्शन

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27 नवंबर शाम 4.45

होटल वैलनकन्नी (रुम जी-4)

इस वक्त हम दिनभर घूम घाम कर फिर से होटल में आराम कर रहे हैं। आज सुबह करीब 10 बजे होटल में पोहे ब्रेड बटर का नाश्ता करके करीब 11 बजे निकले थे। होटल में ही रेंटल स्कूटर आ गया था। 500 रु. प्रतिदिन के किराये पर तीन दिन के लिए स्कूटर लिया है। सुबह ही विजू का फोन आ गया था कि वह 11.30 पर उसके आफिस में पंहुच जाएगा। इसलिए सबसे पहले पंजिम(पणजी) में उसके आफिस जाने का ही इरादा बनाया। इस बीच रत्नागिरी में महेश जी से चर्चा हो गई और यह तय हो गया कि रत्नागिरी 1 दिसम्बर को ही सुबह जाएंगे और वहीं से ट्रेन में सवार होंगे। 



यात्रा वृत्तान्त-49/ भव्य मन्दिरों वाले राज्य गोवा की यात्रा

 (26 नवंबर 2025 बुधवार से 2 दिसम्बर 2025)


ट्रेन न.20932 इन्दौर कोचुवेली सुपरफास्ट

कोच न.बी-1- 26,26  दोपहर 11.00


इस वक्त हमारी ट्रेन पनवेल पंहुचने वाली है। हमारी ये यात्रा रेलवे के लिहाज से 26 नवं.को,लेकिन बीती रात 12.45 पर रतलाम से शुरु हुई। इस यात्रा में मैं और वैदेही,गोवा की चार दिनों की यात्रा पर जा रहे हैं।



सोमनाथ दीव यात्रा-4 बब्बर शेरों के इलाके में एक रात....

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22 सितम्बर 2025 सोमवार,दोपहर 2.40

इ खबरटुडे आफिस


हमारी यात्रा तो 20 सितम्बर की रात्रि को ही रतलाम वापसी के साथ समाप्त हो गई थी,लेकिन सासन गिर से अहमदाबाद और फिर वहां से रतलाम की यात्रा के बीच में इतना समय ही नहीं मिला कि यात्रा के अंतिम चरण की घटनाएं डायरी में दर्ज की जा सके। ये समय आज डायरी वापस मिलने के बाद मिल पाया है। डायरी भी प्रकाश की कार में ही छूट गई थी,जो आज मिली है। खैर..। अब बात वहां से,जहां से छोडी थी।



सोमनाथ दीव यात्रा-3 / नौसेना के पराक्रम दिखाताआईएनएस खुकरी और भव्य दिव्य सोमनाथ मन्दिर

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19 सितम्बर 2025 शुक्रवार सुबह 8.07

होटल अन्नपूर्णा,सासन गिर


इस वक्त हम देश के एकमात्र गिर राष्ट्रीय उद्यान के बफर झोन सासन में इस होटल में रुके हैं।  कल के दिन की व्यस्तता के चलते कल का घटनाक्रम दर्ज नहीं कर पाया था। इसलिए अब लिख रहा हूं।



सोमनाथ दीव यात्रा-2/ समुद्र के बीच प्राचीन इंजीनियरिंग का कमाल- निष्कलंक महादेव

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17 सितम्बर 25 बुधवार रात 22.22

अपना होटल दीव


कल हम भावनगर से पहले हाईवे पर होटल रायल रुम्स में रुके थे। आज सुबह करीब 10.00 बजे वहां से निकलने के लिए तैयार हो चुके थे। इसी दौरान,नीलेश ने आकर बताया कि यहां से 10-12 किमी दूरी पर निष्कलंक महादेव का मन्दिर है,जो कि अत्यन्त प्राचीन और जागृत मन्दिर है। उसे देखते हुए आगे बढना चाहिए। 



यात्रा वृत्तान्त-48/ सोमनाथ महादेव और दीव की यात्रा (मंगलवार 16 सितम्बर 2025 से 20 सितम्बर 2025 )

16 सितम्बर 2025 मंगलवार

रात 9.30- भावनगर से पहले


इस बार की ये यात्रा कई मायनों में अनोखी है। यात्रा तो होना थी,किन्नर कैलास की और वह भी जुलाई के महीने में,लेकिन फिर जुलाई में अभिभाषक संघ के चुनावों की चर्चा शुरु हो गई और दशरथ जी ने चुनाव लडने का मन बना लिया। फिर तय हुआ कि चुनाव निपटते ही किन्नर कैलास के लिए रवाना हो जाएंगे। चुनाव अगस्त की 23-24 को होना तय हुए। इसी दौरान,उत्तराखण्ड और देश भर में जबर्दस्त बारिश हो गई। किन्नर कैलास यात्रा ही रद्द हो गई। इधर मुझे स्वयं स्वास्थ्य की समस्याएं हो गई। उदर रोग ने महीने भर से अधिक कष्ट में रखा,तो कुल मिलाकर यात्रा की योजना रद्द हो गई। 



Saturday, May 16, 2026

सच सबके सामने,फिर भी साबित करने की मजबूरी

 सन्दर्भ-भोजशाला प्रकरण 


-तुषार कोठारी


सच सबके सामने हो लेकिन फिर भी इसे साबित करने की मजबूरी हो,तो ऐसा सिर्फ भारत में ही हो सकता है। धर्म के नाम पर देश का बंटवारा हो चुकने के बाद भी इश्वर अल्ला तेरो नाम के स्वप्नलोक में जीने वाले हमारे कल्पनाजीवी नेताओं ने देश को इसी तरह के रास्ते पर ले जाने की कोशिश की थी और इसी का नतीजा है कि खुली आंखों से नजर आने वाले सच को भी साबित करने की मजबूरी खडी कर दी जाती है।



पांच राज्यों के चुनाव नतीजों का निष्कर्ष - प्रासंगिकता खोती जा रही है विपक्षी पार्टियां

 - तुषार कोठारी 

पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के विश्लेषण से कई नए सवाल सामने आ रहे हैैं। इनमें सबसे बडा सवाल यही है कि क्या भारत के लोकतंत्र में विपक्षी दल अपनी प्रासंगिकता खोते जा रहे हैैं। क्या भविष्य की  राजनीति विपक्ष विहीन होने वाली है? इस तरह के सवाल कुछेक विपक्षी नेता भी उठा रहे हैैं,लेकिन गहराई से देखा जाए तो इस तरह की परिस्थितियां विपक्षी नेताओं की वजह से ही बन रही है।


Saturday, January 17, 2026

ना चाहते हुए भी राहूल के नक्शे कदम पर चल पडा है समूचा विपक्ष

 -तुषार कोठारी


महाराष्ट्र के नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा की एकतरफा जीत के बाद विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने एक बात साफ कर दी है कि राहूल गांधी सिर्फ कांग्र्रेस के ही सर्वोच्च नेता नहीं है,बल्कि वे अब समूचे विपक्ष के नेता बन चुके है। गैर कांग्र्रेसी विपक्षी पार्टियां चाहे राहूल को अपना नेता मानने को तैयार ना हो,लेकिन वे ना चाहते हुए भी राहूल गांधी के नक्शे कदम पर ही चलने लगे है।

Saturday, December 27, 2025

नेपाल यात्रा-7 पशुपतिनाथ के दर्शनों के साथ नेपाल से वापसी

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16 नवंबर 2024



विश्व विख्यात पशुपतिनाथ मन्दिर होटल के बिलकुल सामने ही था। सुबह सवेरे जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर मन्दिर के दर्शनों के लिए चले। 

नेपाल यात्रा-6 विन्ध्य वासिनी के दर्शनों के बाद पशुपतिनाथ की ओर

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15 नवंबर-

पोखरा का दूसरा दिन। आज हमें विन्ध्य वासिनी देवी के दर्शन करके काठमाण्डू पंहुचना था। सुबह जल्दी उठकर निकलने की योजना थी। करीब नौ बजे होटल से निकले। विन्ध्य वासिनी पोखरा का प्रसिध्द धर्मस्थल है। एक विन्ध्य वासिनी हमारे मध्यप्रदेश में मैहर माता के रुप में मौजूद है,दूसरी यहां है।

नेपाल यात्रा-5 पोखरा की फेवा झील के साथ चमत्कारिक गुप्तेश्वर महादेव के दर्शन

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18 नवंबर 24 सोमवार (रात 8.00 बजे)

गौहाटी ओखा द्वारका एक्सप्रेस (कोच बी-2-17,18)


हमारी ट्रेन अब हमारे घर की दिशा में तेजी से दौड रही है और 20 नवंबर की सुबह हम रतलाम में होंगे। पूरे सफर में ट्रेन के डिब्बे में ही सबसे ज्यादा खाली वक्त मिल रहा है। शायद ये ऐसी पहली यात्रा थी,जिसमें डायरी बहुत कम लिख पाया। बेहद अस्तव्यस्त यात्रा के चलते डायरी लिखने के लिए पर्याप्त समय ही नहीं मिल पाया। इसलिए अब ट्रेन में चलने के दौरान ही सबकुछ लिखना है।

नेपाल यात्रा-4 पोखरा के सारंगकोट का सूर्योदय,जो हम नहीं देख पाए

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15 नवंबर 24 शुक्रवार प्रात: 8.55

होटल सी-लेक पोखरा


आज पोखरा से हमें निकलना है। इस वक्त हम निकलने के लिए तैयार हो रहे हैं। यहां से हम काठमाण्डू जाएंगे,जो कि दो सौ किमी दूर है। वहां पंहुचने में हमे करीब 8 घण्टे लगेंगे। हमें कहा गया है कि सुबह जल्दी निकलना होगा। हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्दी तैयार हो जाएं।

नेपाल यात्रा-3 नेपाली साहित्यकारों से पहली मुलाकात और चितवन नेशनल पार्क में शेरों के दीदार

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13 नवंबर 24 बुधवार

सुबह आठ बजे होटल के नीचे एक छोटे हाल में साहित्य संगम का कार्यक्रम शुरु हो गया। मैं साढे आठ पर तैयार होकर नीचे पंहुचा। रीता जी पूर्वोत्तर हिन्दी साहित्य अकादमी नामक संस्था असम के तेजपुर में चलाती है। सारी योजना उन्ही की थी। चितवन के एक डेढ दर्जन साहित्यकार इस कार्यक्रम में मौजूद थे। स्वागत सत्कार के बाद भारत से गए हम छ: लोगों में से मुझे छोडकर सभी ने अपनी रचनाएं सुनाई। इसके बाद नेपाली साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं सुनाई। करीब दो घण्टे यह आयोजन चला। नेपाल के कई साहित्यकार हिन्दी में भी लिखते हैं। हमें भी कई पुस्तकें और प्रमाणपत्र भेंट किए गए।