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17 अगस्त शाम 7.00 बजे
रांसी गांव के होम स्टे में
दोपहर को डायरी लिख ही रहा था कि टोबल पर भोजन लग गया। हमने राजमा की सब्जी,दाल और रोटी का आर्डर दिया था। भूख तेज लगी थी,इसलिए डायरी वहीं छोडकर पहले पेट पूजा में जुट गए।








