- तुषार कोठारी
पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के विश्लेषण से कई नए सवाल सामने आ रहे हैैं। इनमें सबसे बडा सवाल यही है कि क्या भारत के लोकतंत्र में विपक्षी दल अपनी प्रासंगिकता खोते जा रहे हैैं। क्या भविष्य की राजनीति विपक्ष विहीन होने वाली है? इस तरह के सवाल कुछेक विपक्षी नेता भी उठा रहे हैैं,लेकिन गहराई से देखा जाए तो इस तरह की परिस्थितियां विपक्षी नेताओं की वजह से ही बन रही है।





















