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13 नवंबर 24 बुधवार
सुबह आठ बजे होटल के नीचे एक छोटे हाल में साहित्य संगम का कार्यक्रम शुरु हो गया। मैं साढे आठ पर तैयार होकर नीचे पंहुचा। रीता जी पूर्वोत्तर हिन्दी साहित्य अकादमी नामक संस्था असम के तेजपुर में चलाती है। सारी योजना उन्ही की थी। चितवन के एक डेढ दर्जन साहित्यकार इस कार्यक्रम में मौजूद थे। स्वागत सत्कार के बाद भारत से गए हम छ: लोगों में से मुझे छोडकर सभी ने अपनी रचनाएं सुनाई। इसके बाद नेपाली साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं सुनाई। करीब दो घण्टे यह आयोजन चला। नेपाल के कई साहित्यकार हिन्दी में भी लिखते हैं। हमें भी कई पुस्तकें और प्रमाणपत्र भेंट किए गए।





















